प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय परियोजना मूल्यांकन सह अभिसरण समिति की बैठक सोमवार को जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में जिला कार्यालय स्थित एनआईसी सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जनपद के योजना के तहत चयनित 13 गांवों की ग्राम विकास योजनाओं पर चर्चा की गई। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 179 विकास कार्यों के प्रस्तावों पर संबंधित अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी टीआर मलेठा ने बताया कि चयनित गांवों में प्रस्तावित 179 विकास कार्यों की कुल अनुमानित लागत 628.98 लाख रुपये है। इसमें योजना एवं विभिन्न विभागों के माध्यम से अभिसरण के तहत प्रस्तावित धनराशि शामिल है। अनुमोदित ग्राम विकास योजनाओं को अग्रिम कार्रवाई एवं आवश्यक स्वीकृति के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रस्तुत किया जाएगा। जिलाधिकारी ने पेयजल से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करते हुए जल संस्थान एवं जल निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि चयनित गांवों में पेयजल योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी वर्तमान स्थिति एवं आवश्यकताओं के संबंध में विस्तृत आख्या प्रस्तुत करें। इससे पेयजल से जुड़ी आवश्यकताओं को ग्राम विकास योजनाओं में शामिल किया जा सकेगा। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को चयनित गांवों के विद्यालयों में विद्यालय भवन और किचन सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं की स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में जिन सुविधाओं की आवश्यकता है उनका परीक्षण कर आवश्यकतानुसार प्रस्ताव तैयार किए जाएं। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से सभी प्रस्तावित कार्यों की आवश्यक औपचारिकताएं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि चयनित गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति बहुल गांवों में पेयजल और स्वच्छता तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य के साथ सड़क और आवास तथा आजीविका सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का विकास कर गांवों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करना है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत और जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी टीआर मलेठा एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ.अखिलेश मिश्रा और बीडीओ अगस्त्यमुनि सुरेश शाह तथा बीडीओ ऊखीमठ अनुष्का एवं अधिशासी अभियंता पेयजल निगम रमाकांत गुप्ता सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
