प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के ग्रामीण प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से आयोजित होने वाले पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के पोस्टर का बुधवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह ने विमोचन किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का विषय मशरूम तकनीक के माध्यम से सतत आजीविका सृजन के लिए मशरूम उत्पादन और स्पॉन निर्माण तथा मूल्य संवर्धन एवं कृषि उद्यमिता है। इस अवसर पर ग्रामीण प्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष एवं कृषि एवं संबद्ध विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो.राजेंद्र सिंह नेगी और छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो.ओमप्रकाश गुसाईं तथा भर्ती एवं पदोन्नति अधिष्ठाता प्रो.मोहन सिंह पंवार एवं बिड़ला परिसर के निदेशक प्रो.हरभजन सिंह चौहान तथा मुख्य नियंता प्रो. दीपक कुमार और टिहरी परिसर बादशाहीथौल के निदेशक प्रो.ए.ए.बौराई एवं डीएसीई के समन्वयक प्रो. एम.एम.सेमवाल उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम के सह-संरक्षक डॉ.संतोष सिंह और आयोजन सचिव डॉ.अंकित सती तथा मॉडरेटर डॉ.आर.सी.नौटियाल एवं डॉ.ऋषिका नेगी और ग्रामीण प्रौद्योगिकी विभाग के शोधार्थी प्रणव सिंह सहित अन्य सदस्य भी विमोचन समारोह में मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 से 20 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को ऑयस्टर मशरूम की वैज्ञानिक उत्पादन तकनीक और स्पॉन यानी बीज निर्माण तथा मशरूम के मूल्य संवर्धन एवं कृषि उद्यमिता से संबंधित सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य मशरूम आधारित स्वरोजगार एवं कृषि उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में सतत आजीविका के नए अवसर विकसित करना है।
